आचार्य अमित पात्रा
निदेशक, भा.प्रौ.सं.(का.हि.वि.), वाराणसी
भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (का.हि.वि.), वाराणसी के निदेशक के रूप में, यह अत्यंत प्रसन्नता का विषय है कि हम देश में आधुनिक अंतर्विषयक तकनीकी उन्नयन का प्रकाश स्तम्भ बनने के अपने ध्येय के प्रति पूरी तरह से समर्पित हैं । संस्थान में हम न केवल विज्ञान और प्रौद्योगिकी के तेज़ी से बदलते भूदृश्य के साथ कदम से कदम मिलाकर चलने पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं, बल्कि हमारा उद्देश्य इस क्षेत्र में नेतृत्व करना और ऐसी नई खोजों की शुरुआत करना भी है, जो भविष्य को सँवारने का कार्य करेगा ।
महामना जी के विचारों के अनुरूप, हम अपने राष्ट्र को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में इंजीनियरिंग और प्रौद्योगिकी की भूमिका को सर्वोच्च स्थान देने के अपने संकल्प पर अडिग हैं । नवाचार, उद्यमिता और धारणीयता की संस्कृति को बढ़ावा देकर, हमारा उद्देश्य अपने स्नातकों को उन कौशल और विचारों से परिपूर्ण करना है, जिनकी आवश्यकता परिवर्तनकारी बदलाव लाने और हमारे राष्ट्र को एक उज्ज्वल भविष्य की ओर अग्रसर करने के लिए है ।
हमारे लक्ष्य का मूल केंद्र विज्ञान और प्रौद्योगिकी की शिक्षा तथा अनुसंधान में मूल्यों पर आधारित उत्कृष्टता की प्राप्ति है। हमारा यह दृढ़ विश्वास है कि इन क्षेत्रों में आने वाली पीढ़ियों को तैयार करने के लिए ईमानदारी, नैतिकता और सामाजिक उत्तरदायित्व की संस्कृति को बढ़ावा देना सर्वोपरि है ।
गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने के प्रति हमारी प्रतिबद्धता अटूट है । भविष्य में, संस्थान अंतर्विषयक अनुसंधान तथा उद्योग जगत और अंतर्राष्ट्रीय संगठनों के साथ सहयोग पर और भी अधिक बल देगा, ताकि हम देश और विदेश के शीर्ष शैक्षणिक संस्थानों की श्रेणी में अपना स्थान सुनिश्चित कर सकें । आधुनिक शिक्षण पद्धतियों को अपनाकर और ऐसे पाठ्यक्रम तैयार करके जो वास्तविक दुनिया की चुनौतियों को दर्शाते हों, हम यह सुनिश्चित करने का प्रयास करेंगे कि हमारे विद्यार्थी न केवल शैक्षणिक रूप से दक्ष हों, बल्कि आज की वैश्वीक दुनिया की जटिल समस्याओं का सामना करने के लिए भी पूरी तरह से तत्पर हों ।
जय हिंद!